खाते से नहीं होगें पैसे गायब!

खाते से नहीं होगें पैसे गायब!

सायबर सेल के अनुसार +44 नम्बर का मिस्क कॉल आपको संकट में डाल सकता है। हॉल ही में इंदौर के साईबर सेल के एसपी ने लोगों को सर्तक रहने को कहा है । क्यांकि सिम स्वैप फ्रॉड आजकल काफी जोरों पर है। पुलिस सायबर सेल द्वारा लोगों को आगाह किया जा रहा है इस प्रकार कोई फोन आए तो आपको सर्तक रहने की जरूरत है। सिम स्वैप फ्रॉड के मामलों में जिस तरह से इजाफ़ा हो रहा है उससे देखकर हमें सर्तक हो जाना चाहिए।खास तौर पर उन सभी को जो मोबाईल से बैंकिग सुविधा का इस्तेमाल करते । क्योंकि इसी नादानी की वजह से खरगौन के व्यापारी से 80 लाख की ठगी का मामला सामने आया है।

क्या है ये सिम फॉ्रड ? कैसे होता है ? और किस प्रकार इससे बचा जा सकता है?

इस ब्लॉग में हम यह चर्चा करने जा रहें है कि किसी तरह से ठग सक्रिय हो जाते है और उपभोक्ता यानि हमें किस तरह की सावधानियां रखनी चाहिए। आजकल मोबाईल द्वारा जो ठगी समाने आयी है उसे मोबाईल सिम स्वैप फ्राड कहते है। अगर आपका फोन बैंक से लिंक है तो इन चीजों के प्रति सचेत रहने की जरूरत है। सायबर सेल के मुताबिक हमारी जागरूकता ही हमें इस प्रकार से धोखे से हमें बचा सकती है।

क्या करें ?

सबसे पहले, यदि + 44 से कोई फोन आए तो उसे अटैण्ड करना बंद कर दें । यदि यह लगातार आपको परेशान करता है तो इसकी सूचना पुलिस को दें । बेहतरी तो इसी में है कि इस प्रकार कोई भी कॉल आए तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें ।
आपका फोन किसी अनजान व्यक्ति को इस्तेमाल करने न दें । और न ही उसे अपने से ज्यादा समय तक दूर रखें कहने का तात्पर्य यह है कि आमतौर पर अपने कार्यालाय में हम अपने बैंक लिंक फोन को अपने टेबल पर यूॅं ही छोड़ जाते है। जिससे अनाधिकृत व्यक्ति उसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। हांलाकि इससे बचने के लिए आप अपने फोन पर सिक्यूरिटी लॉक का प्रयोग कर सकते है। मगर इसमें भी रिस्क है कि अगर फोन सेक्यूरिटी कोड को खोलने का कोड किसी ने देख लिया है तो वह आसानी से उसे खोलकर उसका गलत इस्तेमाल कर सकता है। आजकल के फोन पर पैटर्न वाले लॉक आते है जो एक दो बार देखते ही लोगों को याद हो जाते है। बेहतर इसे सार्वजनिक जगहों पर लॉक खालने से बचे।
दूसरा यह कि 11 डिजिट वाले नम्बरों के कॉल को रिसीव नहीं करें । अभी तक तो हमारे यहां जो मोबाईल फोन नम्बर दिये आ रहें वे सभी 10 डिजीट के ही रहते है।
सबसे बड़ी बात यदि आपका फोन बैंक से लिंक है और वह अचानक बंद हो जाता है तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें । और विभाग से बंद हो जाने का करण पता करें। हो सकता है बिल का भुगतान नहीं होने की वजह से भी ऐसा हो सकता है । मगर मोबाईल अकारण बंद हो जाता है तो खतरे की घंटी बजेगी ही।

अब ये जानते है कि किस प्रकार से ठगी हो सकती है । कैसे आपको फोन को लेकर ठग रकम निकाल लेते है।
पहले ठग आपके नम्बर को लेकर आपके मोबाईल आपरेटर के पास एक शिकायत दर्ज करता है कि उसे ब्लॉक कर दें । और वह ऐसा करने के लिए कई तरह के बहाने गिना देता है।
और जब वह आपका फोन बंद हो जाता है, आपसे मिलते जुलते चेहरे या आपके पहचान पत्र का इस्तेमाल कर मोबाईल रिटेल शॉप से एक डुप्लीकेट सिम ले लेता है । इसी लिए जब भी कहीं भी अपना पहचान पत्र दें तो उसके नीचे लिख दीजिए कि यह पहचान एक विशेष कार्य के लिए है। जैसे आप सिलेण्डर के

Senior Citizen

लिए पहचान पत्र जमा कर रहें है तो नीचे लिखिए ‘‘गैस कनेक्शन हेतु’’ । इत्यादि अन्यथा आप का पहचान पत्र किसी भी कार्य के लिए उपयोग किया जा सकता है।
अब मोबाईल ऑपरेटर आपके असली सिम को बंद कर नकली पहचान और नकली मोबाईल धारक को आपका सिम देता है। जो असल में आपका ही नम्बर होता है।
पहचान पत्र में ऐसा दस्तावेज लेते है। जिसमें फिंगर प्रिंट ठग की होती है।
अब डूप्लीकेट सिम मिलते ही ओटीपी लेकर आपके बैंक की रकम आपके ही खाते से निकलकर दूसरे के खाते में चली जाती है । सायबर सेल के मुताबिक इंदौर और खरगौन में इसी तरह से सिम स्वैप कर खातों से रकम निकाल ली गई ।

सावधानियां :-

एक वैकप्लित नम्बर अवश्य रखें जिसमें आपका किसी भी प्रकार के बदलाव की सूचना मिल सके ।
बैंक में ईमेल और एसएमएस अर्लट सक्रिय कीजिए जिससे किसी भी प्रकार की बदलाव की सूचना आपको मिल सके । और ईमेल समय-समय पर चैक करते रहिए। खास तौर पर उस वक्त जब आपको फोन बंद हो जाए।
आपको फोन लम्बे समय के लिए बंद हो जाने पर मोबाईल आपरेटर से मिलें और पता लगाएं कही आप इसके शिकार तो नहीं हो गए।
वैसे देखा जाए तो और भी कई चीज़े है जो ऑन लाईन ठगी के लिए जिसके जिम्मेदार हम ही होते है। और थोड़ी सी सावधानी बरत कर उससे बच सकते है। जानते है वे क्या है?
1. कभी भी अपना पासवर्ड और पिन नम्बर किसी से शेयर न करें
2. किसी भी सूरत में बैंक इन चीजों की मांग आपसे नहीं करता है। ये तो आपने बैंक की साईट में देखा भी होगा।
3. बैंक का कर्मचारी या अधिकारी बनकर आपके अकाऊंट की जानकारी या पार्सवर्ड, एटीएम की जानकारी के लिए कोई भी फोन करे तो उसे कुछ भी नहीं बताएं। भले ही वह बातचीत में कितना भी आपको कह बोल जाए । इसकी सूचना बैंक व पुलिस को अवश्य दीजिए।
4. एटीएम में जब आप पैसे निकाल रहें हो तो वहां अपने अतिरिक्त किसी अनजान को घुसने न दें ।
5. एटीएम पर अपना पासवर्ड न लिखें । अक्सर लोग याद रखने के लिए एटीएम का पार्सवर्ड एटीएम में ही लिख कर रखते है। मान लिजिए अगर ऐसा एटीएम गुम गया और किसी गलत आदमी के हाथ लग गया तो कल्पना कर लिजिए कितना नुकसान हो सकता है।
6. बैंक खाते के खातों की जांच समय-समय पर करते रहिए।
7. घर के बुजुर्ग लोग जो तकनीकी रूप से साक्षर नहीं होते है वे ही लोग ठगों के निशाने पर ज्यादा होते हैं । ऐसे में बुजुर्गों को सलाह इस बारे में लगातार मिलती रहनी चाहिए।

इस तरह से आप अपने बैंक खातों की सुरक्षा कर सकते है। आपके खातों की सुरक्षा बेहतर आप स्वयं ही कर सकते हैं ।

adji

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