पीएचडी जरूरी नहीं है! यूजीसी कर रहा है एक बड़ा बदलाव

पीएचडी जरूरी नहीं है!  यूजीसी कर रहा है एक बड़ा बदलाव

अब तक नियम चल रहा था कि स्नातक तीन साल और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम दो साल करने के बाद उम्मीदवार को पोस्ट ग्रेजुएशन करनी थी। बता दें कि देश की शिक्षा नीति में बड़े स्तर पर बदलाव करने के लिए यूजीसी ऐसी योजनाए बना रहा है। इसके लिए एक विशेष समिति का गठन हुआ और शिक्षा नीति में बदलाव के लिए कमेटी ने यूजीसी को अपनी रिपोर्ट दे दी है।

Students in college

यूजीसी फिर एक बड़े बदलाव की तैयारी में है। अगर वर्तमान की बात करें तो स्नातक पाठ्यक्रम तीन साल का और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम दो साल का होता है। पर अब इसमें बदलाव आ रहा है। जी हां, यूनिवर्सिटीज के यूजी प्रोग्राम्स का समय तीन साल से बढ़ाकर चार साल होने जा रहा है।बता दें अभी इस योजना पर विचार चल रहा है। अगर इस योजना को मंजूर दे दी गई तो छात्र कोर्स के बाद पीएचडी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। छात्रों का पोस्ट ग्रेजुएशन होना जरूरी नहीं है। इस बात की पुष्टि यूजीसी के अध्यक्ष प्रो. डीपी सिंह ने की है। 

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय (MHRD) ने देश के पांच उच्च शिक्षण संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान (IoE – Intstitute of Eminence) का दर्जा दिया है। मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) और सरकार द्वारा गठित एक अधिकार सम्पन्न विशेषज्ञ समिति (EEC) की सलाह के बाद यह फैसला लिया है। इस समिति की अध्यक्षता एन गोपालास्वामी ने की, जिन्हें 10 सरकारी और 10 निजी संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थाने का दर्जा देने के लिए चुनना था।मानव संसाधान विकास विभाग द्वारा जिन संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान (IoE) का दर्जा दिया गया, उनके नाम नीचे दिए जा रहे हैं – 

  1. आईआईटी खड़गपुर (IIT Kharagpur)
  2. आईआईटी मद्रास (IIT Madras)
  3. बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU)
  4. दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) 
  5. हैदराबाद विश्वविद्यालय (HU)

इनके अलावा पांच निजी संस्थानों के संबंध में भी IoE का दर्जा प्रदान करने के आशय पत्र  (Letter of Intent) जारी कर दिए गए हैं। इन निजी संस्थानों के नाम हैं –

  1. अमृता विद्यापीठम, तमिलनाडु
  2. जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय
  3. कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी, ओडिशा 
  4. भारती इंस्टीट्यूट, मोहाली
  5. वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, तमिलनाडु 

इस आशय का निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा पिछले महीने की गई सिफारिशों के आधार पर लिया गया।

मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने घोषणा भी की कि ‘आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी मद्रास, दिल्ली विश्वविद्यालय, हैदराबाद विश्वविद्यालय समेत पांच सार्वजनिक संस्थानों को उत्कृष्ट संस्थान घोषित करने के संबंध में आदेश जारी किया गया है।’ उन्होंने आगे कहा कि उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा प्रदान करने के आशय पत्र पांच निजी संस्थानों के संबंध में भी जारी किए गए हैं।

क्या मिलेगा फायदा

योजना के तहत, उत्कृष्ट संस्थान का दर्जा पाने वाले संस्थान को केंद्र से एक हजार करोड़ रुपये का अनुदान (grant) मिलेगा। हालांकि इस अनुदान सिर्फ वैसे उत्कृष्ट दर्जा प्राप्त संस्थानों को मिलेगा जो सरकारी हैं। निजी संस्थानों को इसका फायदा IoE टैग के बाद भी नहीं दिया जाएगा।

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