गर्मियों के मौसम लू लगना

लू लगना
गर्मियों के मौसम में तापमान जब शरीर में प्रवेश कर जाता है तो इसे लू लगना कहते हैं । जानते है क्या होता है लू। और यह किस प्रकार शरीर को प्रभावित करता है?

लू कैसे लगता है?

दरअसल दिमाग में एक भाग होता है जो शरीर के तापमान को नियंत्रिक करता है इसे हाईपोथेलेमस कहते है। एक निश्चिक भाग तक यह शरीर के तापमान को नियंत्रित कर सकता है और करता भी है मगर जब नियत्रण से यह क्रिया बाहर हो जाती है तो शरीर में कई नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलते हैं । यह तब होता है जब हम हद से ज्यादा धूप में निकलते है। चिकित्सकीय भाषा में इसे लू लगना कहते है। आमतौर पर शरीर का बढ़ा हुआ तापमान पसीने के माध्यम से शरीर के बाहर आ जाता है मगर जब लू लगती है तो तापमान शरीर के अंदर ही जमा हो जाता है । नतीजा बुखार इत्यादि होता है

क्या होता है?

इससे शरीर में आरबीसी टूटने लगता है और रक्त में पोटेशियम की मात्रा बढ़ जाती है जिससे दिल असामान्य गति से काम करता है। और फिर शरीर में सिरदर्द ,कमजोरी , बुखार , हाथपैर का टूटना, चक्कर दस्त और बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने लगते है।
हाथों और पैरों में जलन होने लगती है। पानी की कमी हो जाती है। तथा मरीज सुस्त हो जाता है।

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लू के लक्षणों को हम तीन अवस्थओं में बांट सकते है।
पहली अवस्था में थकावट बेहोशी और कमजोरी होती है, इसमें रोगी की मृत्यु नहीं होती ।
दूसरी अवस्था में रोगी को त्वचा में रूखापन, सांस की गति धीमी हो जाती है तथा भयंकर सिरदर्द होता है।
तीसरी अवस्था में सांस की गति तेज हो जाती है , शरीर का रंग नीला पड़ जाता है यह बहुत ही घातक अवस्था होती है।
अगर आप निरंतर धूप में बाहार जाते है और अचानक ये लक्षण शरीर में दिखाई दे तो तत्काल चिकित्सक की परामर्श लें । ध्यान रखें कि सुस्ती , और त्वचा में रूखापन भी ले लक्षण हो सकते हैं। ब्लडप्रेशर लो हो जाता है और बुखार जब 105 डिगी तक पहुंच जाए तो यह अवस्था गम्भीर मानी जाती है।

रोगी को समय-समय पर नींबू पानी या ओआरएस को घोल पिलाते रहना चाहिए। क्योंकि उल्टी दस्त की वजह से शरीर में पानी की कमी हो जाती है जिससे शरीर सुस्त हो जाता है।

क्या करें

कोशिश ये करें कि दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में न निकलें और अगर बहुत जरूरी हो तो पानी पीकर निकलें
अपने आहार में कृत्रिम रूप से पानी देने वाले जैसे तरबूज, ककड़ी तथा प्याज का भरपूर प्रयोग करें । दही अनिवार्य रूप से लें। आम का पना , गन्ने का रस, नारियल पानी इत्यादि काफी लाभदायक होते हैं।
चेहरे पर धूप की किरणों न पड़े इसके लिए सफेद कपड़ों से चेहरे को ढक लें खास तौर पर सिर, और कान को जिससे की गर्म हवा शरीर की अंदर ने आ सके ।
फिर नियमित रूप से पानी हर घंटे पीते रहें। खासतौर पर नींबू पानी । अपने आहार में दही, छांछ लेते रहें।
लू लगने पर पहली अवस्था में ये आहार लेना शुरू कर दें काफी मददगार साबित होगा।
गर्मियांे के मौसम से ऐसे आहार लेने से बचे जो आपके शरीर का तापमान बढ़ाते हों ।

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Author: adji

1 thought on “गर्मियों के मौसम लू लगना

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