मेहनत और जूनुन का प्रतीक रानू मंडल

किस्मत की धनी

लोग कहते है मेहनत कभी बेकार नहीं जाती ।कुछ ये भी कहते है कि किस्मत का कोई अस्तित्व नहीं है । किस्मत जैसी कोई चीज नहीं होती है। बिलकुल सही बात है। इस ब्लाॅग के माध्यम से यह बताने की मै कोशिश कर रहा हूॅं कि किस्मत के दम पर कोई किस प्रकार रातो-रात फुटपाथ से प्रसिद्धी पा सकता है। इस का जीता जागता उदाहरण है रानू मंडल।
कुछ दिनों पूर्व एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें लतामंगेश्कर की आवाज में रेल्वे स्टेशन की फुटपाथ में भीख मांगकर गुजारा करने वाली रानू मंडल को हिमेश रेशमिया के साथ गाना रिकार्ड करते हुए दिखाया गया था।
आज सन सेशन रानू मंडल जिसको कल तक कोई भी नहीं जानता था। लेकिन आज वह फुटपाथ से उठकर बडे़-बड़े celebrity  के साथ गाने रिकार्ड कर रही है। आज कहीं भी किसी भी जगह चाहे वह होटल हो या पार्क रानू मंडल और हिमेश रेशमिया का गाना तेरी मेरी कहानी सुनाई पड़ता है।
कभी वह यात्रियों के दिए पेसे से अपना गुजारा रेल्वे फुटपाथ पर ही करती थी आप वह लाखों करोड़ों में खेल रही है।
उसने कभी शायद सोचा भी नहीं होगा कि उसके दिन ऐसे बदलेंगे और वह रातों रात स्टार बन जाएगी। और उम्र के इस पढ़ाव में भी उसने अपनी गायन कला नहीं छोड़ी।

संदेश छुपा है रानू के जीवन में

 

शायद इसीलिए कहा जाता है कि हर काम में अपना 10 प्रतिशत दें तो सफलता अवश्य मिलती है। सफलता के लिए मेहनत लगन और आत्मविश्वास तो होना ही है साथ ही किस्मत का होना भी उनके लिए जरूरी है। क्योंकि ऐसे कई लोग है जो आज भी रेल्वे और सड़क के फुटपाथ में गा बजाकर अपना जीवन गुजर बसर कर रहें है उनके विडियो भी वायरल हो रहें है मगर शायद उनकी किस्मत इतनी अच्छी नहीं जितनी रानू मंडल की थी वरना वे भी प्रसिद्ध हो जाते और स्टार बन जाते ।
कहने का तात्पर्य यह है कि सफलता के लिए किस्मत का धनी होना भी जरूरी है। किसी कला में पारंगत होना अच्छा है मगर उस कला का पारखी जब तक उसका उपयोग न करें तो कला कला ही रह जाती है। यानि अगर आप में टैलेंट है और उस टैलेट का उपयोग नहीं हो रहा है या उसका उपयोग करने का प्लेटफाॅर्म आपके पास नहीं है तो टैलेंट बेकार है । रानू मंडल के साथ ऐसा कुछ हुआ कि उसकी प्रतिभा का पारखी मिला मगर देर से । अगर यह कुछ समय पहले मिलता तो भारत को एक और गायन प्रतिभा काफी पहले जान चुका होता।
इससे सीख तो यही मिलती है कि परिस्थिति चाहे कुछ भी हो जाए मगर अपनी प्रतिभा का दामन न छोड़े और उस पर निरंतर प्रयास करते रहें।

कौन है रानू  मंडल ?

रानू मंडल कोलकाता की नागरिक हैं। रानू मंडल के पति की समय सीमा समाप्त हो गई थी। रानू मोंडल की शादी बबलू मंडल से हुई थी, वे मुंबई में रह रहे थे। रानू मंडल के पति की मृत्यु के बाद, रानू मंडल ने रेलवे स्टेशनों में गाना शुरू किया। जिससे रानू मंडल कुछ पैसे कमा लेती है। और एक दिन जब रानाघाट रेलवे स्टेशन में रानू मंडल ने गाना गाया, तो किसी ने रानू मंडल के गायन का वीडियो लिया और इसे रानू मंडल गायन का यह वीडियो क्लिप इंटरनेट पर वायरल हो गया, सभी ने रानू मंडल की मधुर आवाज को पसंद किया। इस वीडियो में, रानू मोंडल महान गायिका लता मंगेशकर के सुपरहिट गीत “एक प्यार का नगमा है” गा रही थीं।

रानू मोंडल जीवन यात्रा उन लोगों के लिए एक संदेश है जो बिना पैसे के सोचते हैं कि हम कुछ नहीं कर सकते। उन लोगों के लिए, मैं कहना चाहता हूं कि अगर आपके पास प्रतिभा है, अगर आपके जीवन में कोई लक्ष्य है। यदि आप अपने जीवन में कुछ करना चाहते हैं जो आपके जीवन को बेहतर बनाता है। आपको कोई नहीं रोक सकता। आप धन शक्ति के बिना आ सकते हैं। अपने टैलेंट बेस के द्वारा। हमारे रानू मोंडल की तरह। पहले वह लेबर थी अब वह सिंगर है।

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