भारत के प्रधानमंत्री

11 अप्रेल से लोक सभा चुनाव की शुरूआत होने जा रही है और देश के तकरीबन 7 राष्ट्रीय राजनीतिक दल और 24 जो राष्ट्रीय राजनीतिक दल या क्षत्रिय दल के रूप में पंजीकृत हैं देश के भावी प्रधानमंत्री को देश सेवा में सौपने जा रहीं है। वे सभी के भाग्य का फैसला जनता करेगी। और साथ ही ये भी फैसला करेगी की आगे देश को सत्ता किसे सौंपनी है । हमारे देश की संसदीय व्यवस्था में या यूॅ कहें कि प्रजातंत्र की व्यवस्था में ऐसा ही होता है। अब देखना यह है कि कौन प्रधान मंत्री बनता है।

कैसे होते हैं लोकसभा चुनावः-

पूरी व्यवस्था में ऐसा होता है कि देश को कुल 543 संसदीय क्षेत्रों में बांटा गया है जिसे सीट कहते है जैसे छत्तीसगढ़ में कुल 11 लोकसभा सीटें हैं तो उत्तर प्रदेश में 80 । दूसरे शब्दों में कहें तो इस प्रकार देश में कुल मिलाकर 543 ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें प्रत्येक राजनीतिक पार्टी अपनी दावेदारी मजबूत कर चुनाव लड़ती है । और इस तरह से पूरे देश में चुनाव किए जाते है । फिर मान लिजिए जो भी राजनीतिक दल को 272 सीटें या उससे ज्यादा मिल गई तो उस दल का प्रमुख को प्रधानमंत्री बनाया जाता है । और इसके लिए उस दल के प्रमुख को अपना बहुमत सिद्ध करना होता है और राष्ट्रपति की मंजूरी से ही वह सरकार बना सकता है।

अगर किसी भी दल को 272 से कम मत मिले जैसे का नरसिंम्हा राव के समय में हुआ था तो उसे अन्य दलों के साथ साझेदारी कर के 272 की संख्या पूरी की की जाती है और सरकार बनती है जिसे साझा सरकार यानि कोइलेशन गर्वनमेंट कहते हैं ।तो साझा सरकार क्या है ये तो स्पष्ट हो गया

2014 के लोक सभा चुनाव में पूरे देश में बीजेपी को 282 सीटें मिली और मोदी जी चुकि भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष बने थे अतः वे प्रधान मंत्री के तौर पर चुने गए। इस प्रकार के चुनाव परिणाम को स्पष्ट बहुमत वाला कहा जाता है।

जानते है कोई प्रधानमंत्री कैसे बन सकता है?

अगर आप में है ये काबिलियत तो आप भी प्रधानमंत्री बन सकते हैं।कहते हैं कुछ न कुछ बनने के लिए कुछ न कुछ कागजी कबिलियत का होना जरूरी है जैसे कलेक्टर बनने के लिए ग्रेजुएट और आईएएस की परीक्षा पास करनी है या फिर सीधे प्रमोशन के बूते आप बन सकते है। शिक्षक बनने के लिए आपको बीएड की या डिएलएड की डिग्री अनिवार्य है । तो बात करते हैं देश का प्रधानमंत्री बनने के लिए क्या एसी योग्यता जरूरी है ।

  • वह भारत का नागरिक हो। जाहिर है कोई विदेशी नहीं बन सकता है। और अगर बनना चाहता है तो उसे भारत की नागरिकता लेनी होगी।
  • उसकी उम्र 25 साल या उससे अधिक हो लोकसभा का सदस्य होता तो 25 वर्ष की उम्र होनी है। और राज्य सभा का सदस्य का सदस्य है तो उसकी उम्र 30 वर्ष होनी ही चाहिए।
  • जो भी प्रधानमंत्री बने उससे लोकसभा यानि सांसद या राज्यसभा का सदस्य होना चाहिए । अगर ऐसा नहीं होता है तो चुनाव जीतने के 6 महिने के अंदर इन दोनों सदनों में किसी एक का सदस्य बन जाना चाहिए। जानकारी के लिए बता दूॅ लोक सभा को निचला और राज्य सभा को उच्च सदन कहते है।
  • सबसे बड़ी बात उसे किसी शासकीय या गैर शासकीय संस्थान में कार्यरत नहीं होना चाहिए । यानि नौकरी करने वाला यह पद नहीं पा सकता है।
कार्यकाल

प्रधानमंत्री का कार्यकाल 5 वर्ष को होता है । और प्रत्येक पांच वर्ष के बाद फिर लोकसभा चुनाव होते हैं (सरकार भंग हो जाने पर पहले भी हो जाते है जैसे अटल बिहारी की सरकार 13 दिनों में ही खत्म हो गई थी और फिर चुनाव करवाए गए वे दोबारा प्रधानमंत्री बने )

प्रधानमंत्री का पद पूणतः राष्ट्रपति की कृपा और लोकसभा में बहुमत पर टिका होता है। अगर लोकसभा के अधिंकाश सदस्य यानि सांसद अगर चाहे तो प्रधानमंत्री के खिलाफ सदन में अपना मत वापस ले कर उसे पद से हटा सकते है । इसे अविश्वास प्रस्ताव या नो कोन्फिडेंस मोशन कहा जाता है। ये घटना भी हमारे देश में हो चुकी है ।

प्रधानमंत्री आई.के गुजराल, एच.डी.देवेगौड़ और पहले अवसर पर अटलबिहारी वाजपेयी पर अविश्वास प्रस्ताव आया और उन्हें अपने पद से हटना पड़ा। और मोरारजी देसाई ने तो स्वयं ही इस्तीफा दे दिया और सरकार भंग हो गई । यानि दोबारा चुनाव हुए । कभी -कभी ऐसा भी होता है कि प्रधानमंत्री अगर इस्तीफा दे दे तो स्वतः ही लोकसभा के सभी सांसदों की सदस्यता भी गिर जाती है और उन्हें फिर से चुनाव लड़ना पड़ता है।

उपप्रधानमंत्री :-  आम तौर पर गृहमंत्री और वित्तमंत्री को उपप्रधानमंत्री बनाया जा सकता है । सरदार वल्लभ भाई पटेल भारत के पहले उपप्रधानमंत्री थे और वे जवाहर लाल नेहरू के मंत्रि मंडल में गृहमंत्री थे। इसी तरह मोरारजी देसाई, चरण सिंह,जगजीवन राम, यशवंत राव चौहान,देवीलाल चौटाला तथा लाल कृष्ण आडवानी भी भारत के प्रधान मंत्री रह चुके हैं ।
वेतन : प्रधानमंत्री का वेतन 2013 में लगाई गए आरटीआई के अनुसार 1 लाख 60 हजार रूपये है। इसमें अलग से मिलने वाली सुविधाएं नहीं जोड़ी गई हैं।

बस्तरिया बियर

यह एक प्रकार का मादक पेय है जिसे आम भाषा में ताड़ी भी कहते है आदिवासियों जीवन में सल्फी मादक पेय ही नहीं बल्कि सामाजिकता का प्रतीक भी है जानते है क्या खूबियां है इस पेय में

इस कारण से चित्रकोट जलप्रपात सूख गया

जानिए क्या कारण है चित्रकोट जल प्रपात सूख गया है चंद दिनांे में ही चित्रकोट में पानी देखने को
मिला ठीक वैसे ही जैसे यह आमतौर पर देखने को मिलता है। बस्तर के नियाग्रा फाल समझे जाने वाले इस चित्रकोट
जलप्रपात में हर साल काफी संख्या में पर्यटक आते है । इस बार पर्यटकों के साथ पर्यावरण प्रेमी भी चित्रकोट फाॅल के
इस रूप पर अचंभित थे जानिए क्या है वें
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इस रूप पर अचंभित थे जानिए क्या है वें

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जानते है प्रधान मंत्री का वेतन कितना होता है

2013 की आरटीआई के अनुसार प्रधानमंत्री वे वेतन और भत्ते की बात कही गई थी इस प्रकार प्रधानमंत्री का वेतन
कुल 50000 हजार रूपये है,
इसके अलावा सत्कार भत्ता 3000 रूपये, नियमित भत्ता 2000 रूपये प्रतिदिन यानि 62 हजार रूपये महिना,
निर्वाचान क्षेत्र भत्ता 45000 हजार रूपये इस तरह प्रधानामंत्री को कुल 1 लाख 60 हजार रूपये वेतन के तौर पर मिलता है । इसके अलावा एक विशेष विमान, काम करने के लिए 14 सचिव स्तर के स्टाफ, शानदान आवास, मुफ्त रेल यात्रा,एसपीजी सुविधा, स्वास्थ्य सुविधाएं,
जीवन भर के लिए मुफ्त आवास ,विमान यात्रा मुफ्त 6 घरूलू नौकर चाकर
पांच साल के बाद भी सुविधाए ऐसी कि केवल ऑफिस खर्चे के लिए 6000 रूपये प्रतिदिन। हवाई और रेल यात्रा मुफत, और एक चपरासी ।

प्रधानमंत्री के कार्य को अगर हम समझे तो इस प्रकार समझ सकते है

वह विदेश नीति का निर्धारण करता है

  • केबिनेट के मंत्रियों पर अपनी पकड़ रखता है।
  • केबिनेट स्तर मंत्रियों की नियुक्ति करता है। एवं उनके विभागों का बंटवारा करना
  • उन्हें कौन सा विभाग देना है इसकी सलाह राष्ट्रपति को देता है।
  • उन्हें हटा भी सकता है। इसके लिए भी प्रधानमंत्री को राष्ट्रपति की से सलाह मशवरा करनी होती है
  • केबिनेट की बैठक कर पूरे मंत्रियों के किए गए कार्यो की समीक्षा करता है तथा उनके निर्णयों को बदल सकता है
  • लोकसभा और राज्य सभा का नेतृत्व करता है।
  • योजना आयोग का अध्यक्ष होता है।
  • उसके पास लोक समस्या, पेंशन तथा कार्मिक विभाग होता है।
  • आणुविक उर्जा तथा आंतरिक्ष विभाग उसके पास होते है।
  • केबिनेट की कमेटी के गठन का जिम्मेदारी होती है ।

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