ऐसे पहचाने अपने बच्चों को

जब हम बच्चों को कुछ ऐसा करते पाते है जिनसे हम सहमत नहीं है तो हम प्रतिक्रिया देने वाले माता पिता बन जाते है।

हम निम्नलिखित कार्य ही करते है

हम शिकायत करते हैं

तुलना करते है

निन्दा करते हैं

व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते है।

सजा देते है

और बच्चे भी विद्रोह, आक्रोश के साथ बराबर की नकारात्मक प्रतिक्रिया देते हैं उनका रवैया ऐसा हो जता है, जैसे उन्हें कुछ नहीं पड़ता हो।

इसे हमारी प्रक्रियात्मकता रणनीति विफल हो जाती है, बल्कि ऐसा व्यवहार बच्चों के विकास के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है।

प्रत्येक बच्चों में क्रोध, निराशा, घृणा, भय और हिंसा के साथ ही प्रेम,खुशी, करूणा और क्षमा के बीज होते है। उनके अनुसार हम जिस बीज का पोषण करते है वही हमारे सामने खिलकर पौधे के रूप में सामने आता है।

 

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तो क्या करें?

हाॅवर्ड ग्लासर ने इसे नर्चर्ड हार्ट एप्रोच  (NHA)का नाम दिया है जोपूरी तरह से जैन दृष्टिकोण पर आधारित है। इस दृष्टिकोण के तीन मुख्य पहलू है।

नकारत्मकता को उभरने नहीं देना

सकात्मकता को लगातार आगे बढ़ाना

यदि बच कुछ गलत भी करे तो नकारात्मक प्रतिक्रिया देने से बचे एवं शांत रहें।

ये कैसे काम करेगा?

आप छोटी से छोटी चीज बच्चे में अच्छाई की लगातार सराहना कर सकते हैं जैसे तुमने बहन के साथ पिज्जा बांटकर अच्छा काम किया, अपने प्रोजेक्ट में तुमने काफी मेहनत की है किसी परेशान करने वाले सामने डटकर खड़े होना साहस का काम है। अच्छी प्रशंसा करने से बच्चे को दिशा मिलती है, वह समझने लगता हैकि कौन से कार्य और क्षमता की सराहना की गई है। यही जीवन-कौशल और सफलता के लिए आवश्यक तत्व भी साबित हो सकता है।

इस दृष्टिकोण का पालने करने वाले माता-पिता अभिभावक किसी भी प्रकार की नकारात्मक प्रतिक्रिया देने में अपने आपको रोकते हैं । वे अपनी कोई भी बात गुस्से या आक्रोश के बिना ही बच्चों के सामने रखते हैं । जो माता-पिता नकारात्मकता दूर करने के मिशन पर होते हैं, वे बच्चों में सकारात्मकता को सक्रिय करने को कोई अवसर नहीं छोड़ते हैं ।

बच्चे का मूल्य पहचाने

यह दृष्टिकोण सिर्फ बच्चे की अच्छाई पर ध्यान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें हर कदम पर बच्चे का मूल्य पहचानने की कोशिश होती है।बच्चे की ऊर्जा को एकत्रित कर उसे अहसास करवाया जाता है कि उसके पास कुछ खास गुण हैं और मातापिता को उस पर भरोसा है। बच्चे में सकारात्मक गुण हो तो बच्चा कभी निराश नहीं होगा यानि नकारात्मक गुण नहीं हावी होेगा। उसे यह पता होता है नकारात्मक गुण से कुछ भी हासिल नहीं होगा। इसलिय कोशिश ये करे कि बच्चे के भीतर के खजाने को सकारात्मकता से भर दें और उसे आगे बढ़ाएं ।

बच्चे के साथ बनाएं स्वस्थ संबंध

नर्चर्ड हार्ट एप्रोच (NHA)स्वस्थ सबंध बाने पर केन्द्रित है। यह रिश्तों को निखारता है और बातचीत के तरीको को बेहतर बनाने के लिए जागरूकता और समझ विकसित करता है। यह समस्याओं की बजाय अच्छाई प्रकाश डालता है। यह परेशानी से गुजर रहे बच्चों को उनकी क्षमता और ऊर्जा पर ध्यान केन्द्रित करने के लिए प्रेरित करता है जो उन्हें भावुक और उद्देश्य पूर्ण जीवन जीने में मदद करता है।

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Author: adji

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