Importance of Holi होली का महत्व

इसके जो वैज्ञानिक प्रभाव शरीर पर पड़ते है। उससे आप इंकार नहीं कर सकते है आईए चर्चा करते है। क्या इसका महत्व है और हमारे पूर्वजों ने इस त्यौहार को मनाने के पीछे क्या दलीलें दी है

दंतेवाड़ा का फागुन मेला।

को नृत्य संगीत का कार्यक्रम आयोजित होता है। इस कार्यक्रम में कलार और कुम्हार जातियों के लोग भाग लेते हैं ।
दंतेवाड़ा में 11 दिन तक चलने वाले फागुन मड़ई में 9 वें दिन होलिका दहन किया जाता है ।

बस्तर के जलप्रपात एवं गुफाएं

ग्राम केशलूर से हैदराबाद जाने वाली सडक उत्तम है। तीरथ गढ़ में तीन फाल है।जो इसकी सुदरता को चार चांद लगाते है।
सीढ़ीयों से उतरते पर्यटक जब फाल के नजदीक आते है तो इसकी भव्यता देखकर यहां तक पहूॅचने की थकान वे भूल जाते है

बस्तर जिले की कला

देवी देवता मे घोडा ,बैल, आरती के लिये, पूजा के लिए ,घरों मे साज सज्जा के लिये ज्यादातर उपयोग होता हैं।अपने देश के अतिरिक्त विदेश मे इसका मांग अधिक है।

लाल चींटी की चटनी

इसी चटनी का स्वाद चखने के लिए विश्व के नम्बर वन ब्रिटिश शैफ गार्डन जेम्स रामसे जुनिअर बस्तर आए थे और ’’चापड़ा’’ से बनी चटनी को उन्होंने अपने राष्ट्रीय मेन्यु में शामिल किया है । वे 10 दिनों तक एक गांव में इसकी रेसिपी सीखने में गुजारी और फिर लौट गए

Indore Rajwada

इंदौर दर्शन

इंदौर से बस, ट्रेन व हवाई मार्ग के द्वारा चौबिसों घंटे आप कहीं भी आ जा सकते हैं । इंदौर शहर को भारत का सबसे साफ सुथर शहर होने का खिताब भी मिला है।

चटोरों का शहर- इंदौर

इंदौर के राजवाड़े, बस स्टैण्ड, एल.आई.जी. कार्नर जैसे इलाकों में सुबह 5 बजे पोहा कचौड़ी का स्वाद लेते हुए कई लोग मिल जाएंगे। आईए एक नज़र डालें इंदौर की street food पर

जगदलपुर दर्शन

जानिए बस्तर के जगदलपुर शहर को : अगर आप ऐसी जगहों पर घूमने के शौकीन है जहां आपको प्राकृतिक सुंदरता के साथ साथ ग्रामीण संस्कृतिRead More

वीज़ा क्या है?

एक देश से दूसरे देश में जाना हो तो उसके लिए वीज़ा की जरूरत पड़ती है। ऐसा साधरणतः सभी को मालूम है । लेकिन वीजाRead More